Skip to content
Home News Squash Championship: स्क्वैश में भारत का जलवा, सूरज कुमार चंद ने जीता FISU विश्व यूनिवर्सिटी चैंपियनशिप खिताब

Squash Championship: स्क्वैश में भारत का जलवा, सूरज कुमार चंद ने जीता FISU विश्व यूनिवर्सिटी चैंपियनशिप खिताब

Mid-Event 7 August 2026

भारत के सूरज कुमार चंद ने 2026 एफआईएसयू विश्व यूनिवर्सिटी स्क्वैश चैंपियनशिप के पुरुष एकल का खिताब जीतकर देश का नाम रोशन किया। उन्होंने गुरुवार को खेले गए रोमांचक फाइनल में हंगरी के बेनेडेक ताकाच को 3-2 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। वहीं, महिला एकल का खिताब स्पेन की मार्टा डोमिंगुएज फर्नांडीज ने जीता।

पांच गेम तक चला रोमांचक फाइनल
भारत और सोमैया विद्याविहार विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व कर रहे सूरज कुमार चंद ने बेनेडेक ताकाच के खिलाफ बेहद कड़ा मुकाबला खेला। दोनों खिलाड़ियों के बीच चार गेम के बाद मुकाबला 2-2 से बराबरी पर था। निर्णायक गेम में सूरज ने शानदार खेल दिखाते हुए 11-4 से जीत दर्ज की और मुकाबला 3-2 से अपने नाम कर लिया। घरेलू दर्शकों के सामने मिली इस जीत के बाद पूरे स्टेडियम में जश्न का माहौल देखने को मिला।

भारतीय विश्वविद्यालय स्क्वैश के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि
यह जीत भारतीय विश्वविद्यालय स्क्वैश के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। सूरज कुमार चंद घरेलू सरजमीं पर एफआईएसयू विश्व यूनिवर्सिटी चैंपियन बनने वाले पुरुष एकल खिलाड़ी बने। वहीं, उपविजेता रहे बेनेडेक ताकाच ने हंगरी को दो दशक बाद स्क्वैश में कोई अंतरराष्ट्रीय पदक दिलाया।

महिला वर्ग में स्पेन की मार्टा बनीं चैंपियन
महिला एकल के फाइनल में स्पेन की मार्टा डोमिंगुएज फर्नांडीज ने हांगकांग चीन की चिंग हेई फुंग को एकतरफा मुकाबले में 3-0 से हराकर स्वर्ण पदक जीता। मार्टा के लिए यह जीत इसलिए भी खास रही क्योंकि उन्होंने अपने पिता के जन्मदिन पर यह खिताब अपने नाम किया।

सेमीफाइनल में भी दिखाई थी शानदार वापसी
सूरज ने सेमीफाइनल में फ्रांस के जोशुआ जैक्स-फिनेरा के खिलाफ शानदार वापसी करते हुए फाइनल में जगह बनाई थी। पूरे टूर्नामेंट के दौरान उन्होंने लगातार संघर्ष और धैर्य का परिचय दिया।

जीत के बाद क्या बोले सूरज?
खिताब जीतने के बाद सूरज कुमार चंद ने कहा, ‘बेनेडेक एक बेहतरीन खिलाड़ी हैं और मुझे पता था कि फाइनल आसान नहीं होगा। यह मेरे करियर के सबसे यादगार मैचों में से एक है। घरेलू कोर्ट पर अपने लोगों के समर्थन के बीच यह खिताब जीतना किसी सपने के सच होने जैसा है। जिन्होंने इस पूरे सफर में मुझ पर भरोसा किया और मेरा साथ दिया, मैं उन सभी का आभारी हूं।’

अब टीम स्पर्धा पर नजर
चार दिनों तक चले इस टूर्नामेंट में 14 देशों के छात्र-खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। सोमैया विद्याविहार विश्वविद्यालय ने भारतीय विश्वविद्यालय संघ (एआईयू) और स्क्वैश रैकेट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसआरएफआई) के सहयोग से इस चैंपियनशिप की मेजबानी की। एकल स्पर्धा के समापन के बाद अब सभी टीमों की नजर टीम प्रतियोगिता पर होगी, जहां विभिन्न देश विश्व खिताब के लिए मुकाबला करेंगे।

CREDITS – AMARUJALA